कमर दर्द


कमर दर्द

(LUMBAGO)


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बाला रोग (नारू)

बौनापन

कैन्सर (कर्कट रोग)

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गर्दन का दर्द

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शरीर का सुन्न हो जाना

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सभी प्रकार के दर्द

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काली (कुकुर) खांसी

कमजोरी

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 वायु जब मांसपेशियों, स्नायु तंत्रों और हड्डियों से होकर गुजरती है, तो कमर दर्द होता है। इस दर्द की परेशानी से रोगी का चलना, उठना, बैठना, करवट बदलना मुश्किल हो जाता है।परिचय :

          वायु जब मांसपेशियों, स्नायु तंत्रों और हड्डियों से होकर गुजरती है, तो कमर दर्द होता है। इस दर्द की परेशानी से रोगी का चलना, उठना, बैठना, करवट बदलना मुश्किल हो जाता है। सर्दी लगना, पानी में भीगना, वंशों से चला आ रहा कमर दर्द भी इसका कारण है। स्त्रियों को श्वेतप्रदर के साथ भी कमर दर्द होता है।

विभिन्न भाषाओं में नाम :

अरबी कटिशूल।
बंगाली कटिशूल।
डोगरी लेकपुड।
गुजराती केण्डदुखवूण।
हिन्दी कमर दर्द।
कन्नाड़ी सान्तदा नोवु।
मलयलम ओटिदेसावेदना।
मराठी कम्बर दूखी।
उड़िया अन्ताधार।
पंजाबी कमर दर्द।
तमिल इडप्पुवाली।
तेलगू नडुमा नोप्पी।
अंग्रेजी लुम्बैगो।

कारण :

          इस प्रकार का रोग उन स्त्री-पुरुषों को होता है, जो ज्यादा समय तक खड़े-खडे, बैठे-बैठे या गलत तरीके से बैठकर और लेटकर काम को करते हैं जो लोग अधिक मुलायम गद्दों पर बैठते या सोते हैं, उनको भी कमर दर्द होने की संभावना रहती है। मांसपेशियों के खिंचाव और मानसिक तनाव के कारण भी कमर दर्द हो जाता है।

लक्षण :

          इस बीमारी में रोगी को रात को सोने के बाद सुबह उठने पर कमर का अकड़ जाना और दर्द, झुकने पर कमर दर्द, कमर में तेज दर्द, उठने-बैठने में परेशानी आदि इस रोग के लक्षण होते हैं।r dard kamar da

विभिन्न औषधियों से उपचार-

1. सोंठ :

  • सोंठ का चूर्ण या अदरक का रस, 1 चम्मच नारियल के तेल में पकाकर फिर इसे ठंड़ा करके दर्द कमर पर लगभग 15 मिनट तक मालिश करें। इससे कमर दर्द में आराम मिलता है।
  • सोंठ का काढ़ा बनाकर उसमें 1 चम्मच एरण्ड का तेल डालकर पी जाएं। इससे कमर दर्द में लाभ होगा।
  • आधा चम्मच सोंठ का चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ पिएं। इससे कमर का दर्द मिट जाता है।
  • लगभग 10-10 ग्राम सोंठ, अश्वगंधा, लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। इसके 3 ग्राम चूर्ण को सुबह हल्के गर्म दूध के साथ सेवन करने से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर के दर्द से आराम मिलता है।
  • 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर, चीनी में मिलाकर पीने से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर के दर्द से आराम होता है।
  • सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 बार हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से कमर दर्द मिट जाता है।
  • 4 ग्राम सोंठ, 5 ग्राम पिप्पली और 1 ग्राम केसर को दूध में डालकर उबालें और इससे बने पेय को रोगी को थोड़ा-थोड़ा पिलाने से कमर दर्द से आराम मिलेगा।
  • सोंठ और पीपल के तेल से रोजाना दो बार मालिश करने से कमर दर्द से आराम मिलता है।

2. जायफल :

  • जायफल को घिसकर रात में कमर पर इसका लेप करने से कमर दर्द मिट जाता है।
  • पान में जायफल का टुकड़ा डालकर खाने और जायफल को पानी में घिसकर बने लेप को गर्म-गर्म ही कमर में लगाकर 3 बार मालिश करना चाहिए। इससे कमर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • जायफल को पानी के साथ सिलपर घिस लें। फिर उसे 200 मिलीलीटर तिल्ली के तेल में अच्छी तरह गर्म करें। ठंड़ा होने पर कमर पर मालिश करें। इससे कमर दर्द से आराम मिलता है।

3. खसखस : 10 ग्राम खसखस और 10 ग्राम मिसरी, दोनों को बराबर कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इसका 5-5 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम गर्म दूध के साथ सेवन करें। इससे कमर दर्द में आराम मिलेगा।

4. लौंग : लौंग के तेल की मालिश करने से कमर दर्द के अलावा अन्य अंगों का दर्द भी मिट जाता है।

नोट : मालिश नहाने से पहले करना चाहिए।

5. सहजन :

  • सहजन की फलियों की सब्जी खाने से कमर दर्द में फायदा होता है।
  • 1-1 ग्राम सहजन का गोंद, अश्वगंधा, पीपल के फल को लेकर उसमें 3 ग्राम सोंठ डालकर गाय के दूध में उबालकर सुबह-शाम पीने से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर के दर्द से राहत मिलती है।

6. बादाम :

  • बादाम को रात में भिगों दें। सुबह कुछ देर तक इसे पानी में पकाकर पेय बना लें। इसे 20-40 मिलीलीटर तक सेवन करने से स्त्रियों के कमर दर्द में लाभ होता है। यह श्वेत प्रदर (एम.सी) में भी कमर दर्द को काफी लाभ पहुंचाता है।
  • बादाम के तेल की मालिश कमर पर, दिन में तीन बार करने से कमर दर्द 1 सप्ताह में ठीक हो जाता है।

7. मेथी :

  • मेथी दाने के लड्डू बनाकर 3 हफ्ते तक सुबह-शाम सेवन करने और मेथी के तेल को दर्द वाले अंग पर मलते रहने से पूर्ण आराम मिलता है।
  • लगभग 2 चम्मच दाना मेथी और 2 छुहारे (गुठली निकाले हुए) एक गिलास पानी में उबालकर छान लें। रात को सोते समय छुहारे और मेथी खाकर पानी पीने से कमर दर्द में लाभ होता है।
  • मेथी को पीसकर कमर पर उसकी पट्टी बांधने, और उसकी सब्जी को खाने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

8. सरसों:

  • 1 लीटर सरसों के तेल में 250 ग्राम लहसुन की पूतियों को कुचलकर डालें। फिर उसे तब तक गर्म करें, जब तक लहसुन न जल जाये। इसके बाद इस तेल को छानकर शीशी में भर लें। फिर इस तेल से कमर की मालिश करें। इससे कमर दर्द मिट जाता है।
  • सरसों के तेल में कपूर मिलाकर कमर पर मालिश करने से कमर दर्द मिट जाता है।

9. अजवाइन :

  • अजवाइन को 1 पोटली में रखकर उसे तवे पर गर्म करें। फिर इस पोटली से कमर को सेंकें इससे आराम होगा।
  • लगभग 50-50 ग्राम अजवाइन, मेथी, शुंठी लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। 2 ग्राम चूर्ण दिन में दो बार हल्के जल से लेने से, शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर दर्द मिट जाता है।

10. छुहारा :

  • छुहारे से गुठली निकालकर उसमें गुग्गुल भर दें। इसके बाद छुहारे को तवे पर सेंककर दूध के साथ सेवन करें। सुबह-शाम 1-1 छुहारा खायें। इसके सेवन से कमर दर्द मिट जाता है।
  • सुबह-शाम 2 छुहारे को खाने से कमर दर्द में लाभ होता है।

11. असंगध :

  • असगंध और सोंठ बराबर मात्रा में लेकर इनका चूर्ण बना लें। इसमें से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करें। इससे कमर दर्द से आराम मिलता है।
  • अश्वगंधा के दो-पांच ग्राम चूर्ण को गाय के घी या शक्कर के साथ चाटने से कमरदर्द और निद्रानाश में लाभ होता है।

12. खुरासानी अजवायन : खुरासानी अजवायन के चूर्ण को तिल के तेल में मिलाकर पका लें। फिर तेल को छानकर कमर के साथ-साथ सारे शरीर की मालिश करें। इसके प्रयोग से कमर दर्द सही हो जाता है।

13. नागौरी असगंध :

  • 100 ग्राम नागौरी असगंध, 100 ग्राम मेथी के दाने, 100 ग्राम विधारा, 100 ग्राम सौंठ, इन सभी दवाओं को कूट-पीसकर कपड़े से छान लें। इस चूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे कमर दर्द ठीक हो जाता है।
  • लगभग 5-10 ग्राम असगंध नागौरी के चूर्ण को सुबह-शाम घी में गर्म करके शर्करा (चीनी) एवं दूध के साथ सेवन करने से कमर दर्द में अच्छा लाभ होता है। इससे श्वेतप्रदर भी ठीक हो जाता है।
  • 50 ग्राम असगंध नागोरी कूट-छान कर उसमें 50 ग्राम खांड़ मिला लें। इसको 5-5 ग्राम दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने से कमर दर्द में फायदा होता है।

14. ग्वारपाठे :

  • 10 ग्राम ग्वारपाठे का गूदा, 4 लौंग, 50 ग्राम नागौरी असगंध, 50 ग्राम सोंठ, इन सबको पीसकर चटनी बना लें। 4 ग्राम चटनी रोजाना सुबह सेवन करें। इससे कमर दर्द में आराम होगा।
  • ग्वारपाठा के 20 ग्राम मज्जा (बीच का मध्य भाग) में 2 ग्राम शहद और सोंठ का चूर्ण मिलाकर सेवन से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर दर्द से राहत मिलती है।
  • गेहूं का आटा, घी और कुमारी का गूदा इतना होना चाहिए जितना आटे में गूंथने के लिए काफी हो, आटे को गूदे में गूथकर रोटी बना लें, इस रोटी का चूर्ण बनाकर इसमें शक्कर और घी मिलाकर लड्डू बनाकर खाने से कमर की बादी मिटता है और कमर का दर्द भी ठीक हो जाता है।
  • घीग्वार के 20-25 ग्राम गूदे में शहद और सोंठ का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम कुछ दिनों तक सेवन करने से कमर का दर्द ठीक हो जाता है।

15. धतूरा : लगभग 200 मिलीलीटर धतूरे के फल का रस, 200 मिलीलीटर आक के पत्तों का रस, 200 मिलीलीटर एरण्ड के पत्तों का रस, 800 मिलीलीटर तिल्ली का तेल, सबको मिलाकर अच्छी तरह से पकाएं। फिर छानकर शीशी में भर लें। इस तेल से कमर पर मालिश से कमर का दर्द सही हो जाता है।

16. रास्ना : रास्ना, पुनर्नवा, सोंठ, गिलोय और एरण्ड की जड़ की छाल सभी को 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर 2 कप पानी में उबाल लें। जब आधा कप पानी शेष रह जाये तो इसे छानकर 1 से 2 चम्मच तक रोजाना सेवन करें। इससे कमर दर्द मिट जाता है।

17. गुग्गुल : गुग्गुल, गिलोय, हरड़ के बक्कल, बहेड़े के छिलके और गुठली सहित सूखे आंवले सबको 50-50 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण 1 चम्मच एरण्ड के तेल के साथ रोजाना सेवन करें। लगभग 20 दिन तक इस औषधि को लेने से कमर दर्द सही हो जाता है।

18. निसोथ : निसोथ की जड़ को दूध में पीसकर उसमें आधा चम्मच अडू़से का रस मिलाकर सेवन करने से कमर दर्द मिट जाता है।

19. लहसुन :

  • लगभग 20 ग्राम लहसुन, 50 ग्राम सोंठ, 20 ग्राम लाहौरी नमक, इन सबको पीसकर चटनी बना लें। इसमें से 3-4 ग्राम चटनी गुनगुने पानी के साथ लें। इससे कमर दर्द में फायदा होगा।
  • ठण्डी हवा लगने से उत्पन्न कमर के दर्द में लहसुन की कलियां दूध या गर्म पानी के साथ निगलने से कमर दर्द मिट जाता है।
  • लहसुन को छीलकर पानी में डालकर रख दें। सुबह उसमें, भुनी हींग, सेंधानमक, सोंठ, कालीमिर्च, पीपर, अजवायन और जीरा सभी को 5-5 ग्राम चूर्ण करके मिलाएं। इस मिश्रण में से 6 ग्राम की मात्रा को एरण्ड की जड़ के काढ़े के साथ सेवन करने से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर का दर्द मिट जाता है।

20. नींबू :

  • 1 चम्मच नींबू का रस, 1 चम्मच लहसुन का रस, 2 चम्मच पानी, एक साथ मिलाकर पीयें। ऐसे दो खुराक सुबह-शाम रोजाना पीयें। इससे कमर दर्द ठीक हो जायेगा।
  • नींबू बिजौरा का चूर्ण 10 ग्राम में आधा ग्राम यवक्षार और 2 चम्मच शहद मिलाकर पिलाने से छाती का दर्द, कमर का दर्द और कूल्हे के जोड़ों का दर्द आदि रोगों से राहत मिलती है।

21. आलू : कच्चे आलू को पीसकर, उसे पट्टी में लगाकर कमर में बांधने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

22. गेहूं : लगभग 12 ग्राम गेहूं की राख 12 ग्राम शहद में मिलाकर चाटने से कमर और जोड़ों के दर्द में अराम होता है। गेहूं की रोटी एक ओर सेंक लें, और एक ओर कच्ची रखें। कच्ची रोटी की ओर तिल का तेल लगाकर दर्द वाले अंगों पर बांध दें। इससे कमर का दर्द दूर हो जायेगा।

23. एरण्ड का तेल :

  • एरण्ड के बीज के अन्दर का गूदा, दूध में पीसकर पिलाने से कमर दर्द में लाभ होता है।
  • एरण्ड के पत्तों पर तेल लगाकर कमर में बांधकर हल्का-सा सेंकने से शीत ऋतु में उत्पन्न कमर का दर्द शान्त हो जाता है।
  • एरण्ड की जड़ और सोंठ को जल में उबालकर काढ़ा बनायें। काढ़े को छानकर उसमें भुनी हींग और कालानमक मिलाकर पीने से शीतलहर के कारण उत्पन्न कमर के दर्द से राहत मिलती है।

24. अदरक :

  • अदरक के रस में घी मिलाकर पीने से कमर दर्द में आराम मिलता है।
  • एक चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच घी मिलाकर सेवन करने से कमर दर्द, वात दर्द, सायटिका पेन तथा जांघ के दर्द में लाभ होता है।
  • 10 मिलीलीटर अदरक के रस में 5 ग्राम घी मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कमर दर्द में लाभ करता है।

25. अंजीर : अंजीर की छाल, सोंठ और धनियां सब बराबर लें, और कूटकर रात को पानी में भिगों दें। सुबह इसके बचे रस को छानकर पिला दें। इससे कमर दर्द में लाभ होता है।

26. कालीमिर्च : कालीमिर्च, दो हरड़ के बक्कल, सोंठ, करंजवा की गिरी, काली जीरी सब 10-10 ग्राम, 5 ग्राम मुनक्का कूट-छानकर 3 ग्राम की मात्रा में रोजाना जूस की तरह सेवन करें और किसी भी तेल की मालिश करें। इस दवा के प्रयोग से शरीर के कई प्रकार के दर्दों में लाभ होता है।

27. कलमीशोरा : लगभग 2 ग्राम कलमीशोरा, 5 ग्राम कतीरा, 20 ग्राम शहद में मिलाकर तीन दिन खिलायें, इसे 2 ग्राम मीठे तेल में मिलाकर कमर पर लेप करने से कमर दर्द मिट जाता है।

28. बबूल :

  • बबूल के फूल और सज्जी बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह सूरज उगने के समय 1 ग्राम की मात्रा में खाने से कमर दर्द में आराम होता है।
  • बबूल की छाल, फली और गोंद बराबर मिलाकर पीस लें, एक चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार सेवन करने से कमर दर्द में आराम मिलेगा।

29. बिनौले : 2 ग्राम बिनौले रात को भिगो दें। सूरज उगने के समय इसे पीसकर इसमें कुछ लाहौरी नमक मिलाकर इसे रोगी को पिलाने से कमर दर्द में लाभ होता है।

30. मूली : 100 मिलीलीटर मूली के पत्तों रस में 100 ग्राम चीनी मिलाकर 7 दिनों तक पिलायें, इससे कमर दर्द में आराम होगा।

31. माजूम-अरण्डी : लगभग 100 ग्राम माजूम-अरण्डी के फल की गिरी, 50 ग्राम बादाम की गिरी, 5 ग्राम लौंग, 5 ग्राम जाफरान, 5 ग्राम छोटी पीपल, 5 ग्राम इलायची, सभी को एक साथ बारीक पीसकर 1 किलो दूध में पकायें। जब दूध जल जाये, तो उसमें 750 ग्राम खांड़ मिलाकर माजूम पका लें और उसे कांच के चीनी वाले बर्तन में भरकर रख दें। इसका प्रयोग 40 दिन के बाद शुरू करें। अगर रोगी में ताकत हो तो उसे 10 ग्राम रोजाना खिलायें, नहीं तो इसको कम मात्रा में लें। इससे कमर दर्द मिट जायेगा।

22. दशमूल : लगभग 14-28 मिलीलीटर दशमूल काढ़ा, 7-14 मिलीलीटर एरण्ड तेल के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से कमर दर्द से आराम मिलता है।

23. शुंठी : लगभग 14-28 मिलीलीटर शुंठी का काढ़ा, 7-10 मिलीलीटर एरण्ड तेल दिन में 3 बार सेवन से कमर दर्द मिट जाता है।

24. चनसूर :

  • लगभग 10 ग्राम चनसूर का दूध में लस्सी बनाकर दिन और रात में सेवन से कमर दर्द कम हो जाता है।
  • चनसूर के बीजों को नींबू के रस के साथ पीसकर कमर पर लेप करने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

25. वायविडंग : वायविडंग और लहसुन को पकाकर प्राप्त हुए रस के सेवन और उसे मालिश करने से कमर दर्द में आराम मिलता है।

26. पोस्ता : पोस्ता का पिसा हुआ बारीक चूर्ण या काढ़े (क्वाथ) के सेवन से कमर दर्द में आराम मिलता है।

27. कपूर : कपूर चौगुने तेल में मिलाकर मालिश करने से कमर दर्द में लाभ होता है। इसके लिए तीसी (अलसी) का तेल उपयोग में लाना चाहिए।

28. राल : राल को ब्राण्डी के साथ या अण्डे की सफेदी के साथ कमर में लगाकर मालिश करने से कमर दर्द में लाभ होता है।

29. अगियाखर : अगियाखर के तेल को कमर दर्द में मालिश करने से लाभ होता है।

30. बान्दा (बांझी) : आधा से एक ग्राम बान्दा के फल को सुबह-शाम सेवन करने से कमर दर्द मिट जाता है।

31. केवड़ा : केवड़े का तेल कमर दर्द में मालिश करने से फायदा होता है।

32. बरगद (बड़) : बरगद का दूध अलसी के तेल में मिलाकर मालिश करने से कमर दर्द से छुटकरा मिलता है।

33. गुग्गल :

  • लगभग 3 ग्राम शुद्ध गुग्गल की गुठली निकालें और उसे 1 छुआरे में रखकर ऊपर गीले आटे से चढ़ाकर बन्द कर गर्म राख में भून जाने पर आटा उतारकर छुहारे को पीसकर चने के बराबर आकार की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। 1 गोली सुबह-शाम साफ निथरे पानी से लें। इससे कमर दर्द से आराम मिलता है।
  • गुग्गुल को पानी के साथ उबालकर कमर पर लेप करने से कमर दर्द से आराम मिलता है।

34. हरमल : 25-25 ग्राम हरमल के बीज और सोंठ को दरदरा कूटकर 500 मिलीलीटर पानी में रात को भिगोएं, इसे सुबह उबालें, 1 चौथाई पानी रहने पर पानी छान लें। फिर इस पानी को 60 मिलीलीटर तिल के तेल में मिलाकर उबालें, थोड़ा पानी रह जाने पर ठंड़ाकर छान लें। इस तेल के मालिश से कमर दर्द जोड़े के दर्द, मांसपेशियों के दर्द और लकवा में भी आराम मिलता है।

35. एरण्ड : 35 ग्राम एरण्ड के बीजों की गिरी पीसकर 250 मिलीलीटर दूध में पकायें। इसका खोया बन जाने पर 70 ग्राम घी में भून लें। इसमें 70 ग्राम खांड़ मिलाकर सुबह 3 चम्मच लगातार खायें, इससे कमर दर्द मिट जाता है।

36. चांदी भस्म (चांदी की राख) : लगभग आधा ग्राम चांदी भस्म, बंग भस्म, को शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम लें, या आधा ग्राम चांदी भस्म, वंशलोचन और इलायची दाना पिसी आधा-आधा ग्राम को शहद में मिलाकर सुबह-शाम लें। इससे कमर दर्द से आराम होगा।

37. चोपचीनी : लगभग 25 ग्राम चोपचीनी दरदरी कूटकर 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें। एक चौथाई की मात्रा में रह जाने पर इसे 25 मिलीलीटर तिल के तेल में मिलाकर जलायें और इसे ठंड़ा करके कमर पर मालिश करने से कमर दर्द में लाभ होता है।

38. सुरजान मीठी : 50 ग्राम सुरजान मीठी और असंगध नागौरी, 25 ग्राम सोंठ, 100 ग्राम मिश्री सबको कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रखें। इसमें से 5 ग्राम चूर्ण सुबह, 5 ग्राम शाम को पानी के साथ सेवन करने से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर दर्द मिट जाता है।

39. तंबाकू : तंबाकू के पत्तों पर हल्का-सा तेल लगाकर कमर पर बांधने से शीत लहर से उत्पन्न कमर का दर्द मिट जाता है।

40. तेजपात : लगभग 10 ग्राम तेजपात, 10 ग्राम अजवायन और 6 ग्राम सौंफ को कूट-पीसकर 1 किलो पानी में उबालकर काढ़ा बनायें। 100 ग्राम पानी रह जाने पर इसे ठंड़ा करके पीने से शीत लहर के कारण उत्पन्न कमर का दर्द मिट जाता है।

41. पोस्ता : पोस्ता को कूट-पीसकर बने चूर्ण के सेवन करने से कमर दर्द में लाभ होता है।

42. चंदन : यदि गर्भावस्था में कमर के नीचे वाले भाग पर बहुत दबाव पड़ता हो तो कमर दर्द ठीक करने के लिए एक ओर करवट लेकर सोयें। मूंगफली के तेल में दो-चार बूंदे लवण्डर और दो बूंद चंदन का तेल डालकर अच्छी तरह से मिला लें और इस तेल से कमर पर मालिश करें। स्नान करते समय पानी में पांच बूंद लवण्डर ऑयल को डालकर पीठ को धो लेते हैं। इससे कमर दर्द ठीक हो जाएगा।

43. हींग : लगभग 1 ग्राम तक सेंकी हुई हींग थोड़े से गर्म पानी में मिलाकर धीरे-धीरे पीने से कमर का दर्द, स्वरभेद, पुरानी खांसी, जुकाम और मलावरोध आदि में लाभ होता है।

44. एरण्ड :

  • एरण्ड के तेल को गोमूत्र में मिलाकर देना चाहिए। इससे पीठ, कमर, कन्धे, पेट और पैरों का शूल (दर्द) नष्ट हो जाता है।
  • एरण्ड के बीजों की गिरी 10 ग्राम को दूध में पकाकर खीर बनाकर खिलाने से गृध्रसी, कमर दर्द और आमवात में लाभ होता है।
  • कमर दर्द होने पर एरण्ड के बीजों की 5 मींगी दूध में पीसकर पिलाने से लाभ होता है।

45. अफीम :

  • एक चम्मच पोस्ता के दानों को, समान मात्रा में मिश्री के साथ पीसकर एक कप दूध के साथ दिन में तीन बार सेवन करने से लाभ होगा।
  • 10 ग्राम पोस्ते के दानों में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर फंकी देने से कमर की पीड़ा मिटती है।

46. अलसी :

  • सोंठ का चूर्ण अलसी के तेल में गर्म करके पीठ और कमर की मालिश करने से दर्द की शिकायत दूर हो जाती है।
  • अलसी के तेल को गरम कर इसमें शुंठी का चूर्ण मिलाकर मालिश करने से कमर दर्द दूर होता है।

47. पवांड़ (चक्रवर्द) : पवांड़ के बीजों को भूनकर इसके 2 से 4 ग्राम चूर्ण को, खांड़ या गुड़ में घी मिलाकर लड्डू बनाकर खाने से महिलाओं के कमर दर्द की परेशानी दूर हो जाती है।

48. निर्गुण्डी : लगभग 14 से 28 मिलीलीटर निर्गुण्डी के पत्तों के रस को रोजाना सुबह-शाम रोगी को पिलाने से कमर दर्द के रोग में आराम आता है।

49. खजूर : 5 उबले हुए खजूर में 5 ग्राम मेथी डालकर लेने से कमर दर्द मिटता है।

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