मस्सा और तिल


मस्सा और तिल

(WARTS AND MOLE)


परिचय :

            हमारे शरीर के अन्दर जब बहुत सी कोशिकाओं की जड़ एक ही स्थान पर जमा होकर बड़ी हो जाती है तो शरीर में उस स्थान पर सख्त मांस का एक गोला सा दिखाई पड़ता है। उसमें दर्द नहीं होता है पर उसे काटने पर काफी खून बहता है। बाद मे यह धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। इसको मस्से के रूप में जाना जाता है। चेहरे पर जब काले रंग की छोटी सी एक बिंदू सी प्रकट हो जाती है उसे तिल कहते हैं।

कारण :

           मस्सें और तिल जन्म के समय से भी होते हैं और कभी-कभी बाद में भी पैदा हो जाते हैं।

लक्षण :

           शरीर में छोटी-बड़ी गोल आकार की मांस की फुंसियां सी पैदा हो जाती है उन्हे मस्से कहते हैं। चेहरे या शरीर पर जो काले या लाल रंग के छोटे-छोटे बिंदू जैसे आकार के निशान होते हैं उन्हे तिल कहा जाता है।

विभिन्न औषधियों से उपचार-

1. धनिये : धनिये को पीसकर शरीर में जहां पर मस्सें और तिल हो वहां पर लगाने से दोनों समाप्त हो जाते हैं।

2. सिरका :

  • सिरके में सीप की राख को मिलाकर मस्सों पर लगाने से मस्सें मिट जाते हैं।
  • मोर की बीट को सिरके में मिलाकर मस्सों पर लगाने से मस्सें समाप्त हो जाते हैं।

3. सेब : खट्टे सेब के रस को मस्सों पर लगाने से मस्सें कट-कटकर जड़ से खत्म हो जाते हैं।

4. एरण्ड का तेल :

  • एरण्ड के तेल में कपड़ा भिगोकर मस्सें पर बांधने से मस्सें कुछ ही समय में मिट जाते हैं।
  • चेहरे या पूरे शरीर पर तिल, धब्बें या भूरे-भूरे दाग (लीवर स्पोंटस) हो या गाल या त्वचा पर छोटी-छोटी गिल्टियां (गांठे), सख्त गुठलियां निकलने पर इन पर रोजाना दिन में 2 से 3 बार लगातार एरण्ड के तेल की मालिश करने से धीरे-धीरे यह सब समाप्त हो जाते हैं। एरण्ड का तेल लगाने से जख्म भी भर जाते हैं और इसको मस्सों पर लगाने से मस्सा ढीला होकर गिर जाता है।
  • एरण्ड के तेल को सुबह और शाम 1-2 बूंद हल्के हाथ से मस्सें पर मलने से 1 सें 2 महीनों में ही मस्से ठीक हो जाते हैं।

5. तिधारा थूहर : तिधारा थूहर (तिधारा पसीज) का दूध मस्सों पर लगाने से मस्सें खुद ही गिरकर ठीक हो जाते हैं।

6. प्याज :

  • जंगली प्याज के चूर्ण को मस्सों पर मलने से मस्सें ठीक हो जाते हैं।
  • प्याज के रस को मस्सों पर लगाने से मस्से समाप्त हो जाते हैं।

7. कलमीशोरा : घोड़े का बाल लेकर उससे मस्सें को काट दें और फिर उस पर कलमीशोरा को नींबू के रस में पीसकर लगाने से आराम आता है।

8. थूहर : थूहर (मुठिया, सीज) के कांटे का दूध चर्मकील, मस्सों पर लगाने से मस्से खुद ही ठीक होकर गिर जाते हैं।

9. भिलावा : भिलावे के तेल को मक्खन में मिलाकर सुई की नोक से मस्सों पर लगाने से मस्सें कुछ ही समय में मिट जाते हैं।

10. अदरक : अदरक के एक छोटे से टुकड़े को काटकर छील लें और उसकी नोक बना लें। इसके बाद मस्सें पर थोड़ा सा चूना लगाकर अदरक की नोक से धीरे-धीरे घिसनें से मस्सा बिना किसी ऑपरेशन के कट जायेंगा और त्वचा पर कोई निशान भी नहीं पडे़गा। बस शुरू में थोड़ी सी सूजन आयेगी।

11. सज्जीखार : 5-5 ग्राम सज्जीखार, चूना और कपड़े धोने के साबुन को पानी के साथ पीसकर मस्से पर लेप करने से मस्सा गल जाता है और किसी चीज से खींचने से बाहर आ जाता है।

12. सज्जी : सज्जी (पापड़ बनाते समय उसमे प्रयोग की जाने वाली) को पत्थर पर पानी के साथ चंदन की तरह पीसकर मस्से पर रोजाना दिन में 2 बार लगाने से सिर्फ 14 दिनों में मस्सा कटकर गिर जाता है।

13. प्याज :

  • प्याज का रस लगाने से मस्सा कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाता है।
  • प्याज को नमक के साथ पीसकर और मस्से पर पट्टी की तरह बांधने से या लगाने से मस्सा जल्दी ठीक हो जाता है।

14. चूना : पान के डंठ़ल पर चूना लगाकर मस्से की जड़ पर लगाने से सिर्फ 7 दिनों में ही मस्सा बिल्कुल साफ हो जाता है।

15. राई- ऐसे मस्से जिनमें खुजली होती हो, जो देखने में मोटे हो और छूने पर उनमें दर्द न होता हो बल्कि अच्छा महसूस होता हो तो ऐसे मस्सों पर राई का तेल लगाने से यह कुछ ही समय में ठीक हो जाते हैं।

16. हल्दी- हल्दी की गांठ को अरहर की दाल में पकायें। फिर छाया में सुखाकर, गाय के घी में पीसकर मस्सों पर उसका लेप करें। इससे मस्से नर्म होकर दूर हो जाते हैं।

17. मालकांगनी : 1 बताशे में मालकांगनी के बीजों को पानी में पीसकर बनी लुगदी (पेस्ट) को मस्सों पर लगाते रहने से मस्से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं।

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