हमारा उद्देश्


हमारा उद्देश्

OUR AIM


प्राचीन समय में अनेक ॠषि-मुनियों, अविष्कारकों, वैज्ञानिकों और अनुभवियों ने आयुर्वेद के संबंध में अपनी जानकारी और विचार प्रस्तुत किये हैं। इनमें से कुछ एक का वर्णन इस प्रकार से है जैसे- सतयुग में अत्री नामक ॠषि  ने “अत्री सहिंता” में हमसे 100  गुना ज्यादा आयुर्वेद पर मेहनत और कार्य किया है। त्रेता युग में महात्मा “चरक” ने “चरक सहिंता” का निर्माण समाज की भलाई के लिए किया था। इसी प्रकार द्वापर युग में महात्मा “सुश्रुत” ने “सश्रुत सहिंता” ग्रंथ के माध्यम से चमत्कार किया था। कलियुग  में वाग्भट्ट द्वारा “अष्टागंड हृदय” नामक ग्रंथ लिखा गया जिसमें आयुर्वेद शास्त्र के अंदर काफी अधिक परिवर्तन किया गया। इन्हीं से प्रेरित होकर हमारी टीम ने इस वेबसाइट को तैयार किया है।

इस वेबसाइट को बनाने का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लोगों को रोगों के बारे में जानकारी प्रदान कराके उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। इसके अलावा रोगियों व डॉक्टरों को ज्यादा से ज्यादा पैथियों जैसे एक्यूप्रेशर, मंत्र चिकित्सा, योगासन, चुंबक चिकित्सा, मसाज तथा औषधियों जैसे-पेड़-पौधों और जड़ी-बूटियों के गुण और अवगुणों आदि के बारे में अधिक से अधिक जानकारियां उपलब्ध कराना और इनकी मदद से इलाज करना मात्र है।

वर्तमान समय में हमारे देश की अधिकांश जनसंख्या अभी भी अशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर है। अभावग्रस्त जीवन के कारण ये लोग विभिन्न प्रकार के धार्मिक रीति-रिवाजों, कुरीतियों और अंधविश्वासों में पड़कर अपने रोगों का इलाज करवाते हैं। अपने रोग के बारे में सही जानकारी न होने के कारण ये लोग ऐसे लोगों के चक्कर में पड़ जाते हैं जिनका काम सिर्फ पैसे बनाना होता है। धीरे-धीरे ये लोग अपने छोटे से रोग को भी इतना असाध्य बना लेते हैं कि बाद में इन्हें बडे़ अस्पतालों में जाकर और ज्यादा पैसे खर्च करके अपना इलाज करवाना पड़ता है। ऐसे ही लोगों को रोगों के प्रति जागरूक बनाने के लिए इस वेबसाइट में लगभग सभी रोगों के होने के कारण, लक्षण और चिकित्सा आदि के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दी गयी है।

इस वेबसाइट को इतना विशाल और आधुनिक बनाने का मकसद केवल रोगों और उनकी चिकित्सा के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी चिकित्सकों, डॉक्टरी पेशे से जुड़े हुए लोगों और आम आदमी तक पहुंचाना है।