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हृदय तथा रक्त-संस्थान


हृदय तथा रक्त-संस्थान

Heart and blood system


परिचय-

        हमारे शरीर पर मालिश का जो प्रभाव पड़ता है, वह रक्त-परिभ्रमण प्रणाली द्वारा पड़ता है और मालिश विशेषत: छोटी-छोटी रक्त नलिकाओं तथा स्नायु मण्डल को नियंत्रित करती है। मालिश से धमनियों में उत्तेजना, रक्ताधिक्य, शारीरिक अंगों के कार्यों में अधिक कार्यशीलता, अधिक सक्रिय पोषण, शरीर से रस नि:सरण, सफाई, पचे हुए रस का शोषण आदि बड़ी तेजी से होता है। इस तरह मालिश शरीर की सारी क्रियाओं मे परिवर्तन ला देती है। शिराओं और लसिका नलिकाओं में मालिश द्वारा उत्तेजना होने के कारण धमनियों में दबाव बढ़ जाता है। फेफड़े, त्वचा, आंतों, गुर्दों आदि द्वारा मालिश के कारण शरीर की तेजी से सफाई होने लगती है। तथा शरीर में उपाचयी क्रियाओं में अति तीव्रता आती है।

        जब किसी व्यक्ति के शरीर की धमनियों में खून की कमी हो जाती है तो उसके हाथ-पैर ठण्डे पड़ जाते हैं। सिर की रक्त नलिकाओं में रक्त की कमी से रोगी बेहोश हो जाता है। मालिश रक्तसंचार में बढ़ोत्तरी करती है। रक्त में लाल रक्त कण बढ़ने लगते हैं, जिससे रक्त में गुणात्मक परिवर्तन आने लगते हैं। इन लाल रक्त कणों पर ही स्वास्थ्य निर्भर होता है। साथ ही रक्त में सफेद रक्त कण भी बढ़ते हैं, जो कीटाणुओं के प्रवेश से शरीर की रक्षा करते हैं।