शरीर को ताकतवर बनाना


शरीर को ताकतवर बनाना

Making the body strong


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एल्कोहल

उरूस्तम्भ

बदन दर्द

बाला रोग (नारू)

बौनापन

कैन्सर (कर्कट रोग)

चेहरे का लकवा

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कंठपेशियों का पक्षाघात

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पसीना

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जीर्ण कास (पुरानी खांसी)

सर्दी अधिक लगना

सर्दी, जुकाम और खांसी

वात रोग

वज्रपात (बिजली का गिरना)

चिकित्सा :

1. तिल :

  • लगभग 100-100 ग्राम की मात्रा में काले तिल और ढाक के बीजों को पीसकर और इनको छानकर इसमें 200 ग्राम शक्कर मिलाकर इस मिश्रण को रोजाना 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम पानी के साथ लेने से शरीर में मजबूती आती है।
  • तिल और अलसी का काढ़ा बनाकर पीने से शरीर के संभोग (सेक्स पावर) करने की क्षमता में वृद्धि होती है।
  • लगभग 20 ग्राम की मात्रा में काले तिल और इतनी ही मात्रा में गोखरू को मिलाकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को बकरी के दूध में खीर की तरह बनाकर खाने से शरीर में भरपूर ताकत का विकास होता है। इसका सेवन लगातार 15 या 20 दिनों तक करने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है।

2. छुहारा :

  • लगभग 10 ग्राम छुहारे लेकर पीस लें। रोजाना कम से कम 2 ग्राम की मात्रा में इस छुहारे के चूर्ण को 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ सोते समय लेने से शरीर मजबूत होता है। इसका सेवन केवल सर्दियों के दिनों में करना चाहिए।
  • 4 या 5 छुहारों की गुठलियों को निकालकर इसमें लगभग लगभग आधा ग्राम गुग्गल इनके अन्दर भर दें और इन छुआरों को दूध में पकायें। सुबह और शाम को रोजाना एक छुहारा दूध के साथ खाने से वात की बीमारी दूर हो जाती है और शरीर शक्तिशाली बनता है।
  • लगभग 500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर उसमें 2 छुआरे डाल दें। फिर दूध को आधा रह जाने तक गर्म करें। अब इस दूध में 2 चम्मच मिश्री या खांड़ लेकर मिलाकर पीयें और छुहारों को खा जायें। इसके खाने से शरीर में मांस बढ़ता है, शरीर की ताकत बढ़ती है और मनुष्य का वीर्य बल भी बढ़ता है। छुआरा खून बढ़ाता है, और शरीर के विभिन्न भागों में ताकत पहुंचाता है। इसका प्रयोग केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए। इसका सेवन करने के 2 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए। एक बार में 4 से ज्यादा छुहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी मिट्टी या कांच के बर्तन में पानी लेकर इसमें 2 छुहारे शाम को भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इन छुहारों की गुठली को निकालकर इन्हें लगभग 500 मिलीलीटर दूध में गर्म करें, और 250 मिलीलीटर दूध रह जाने तक गर्म करें। अब बचे हुए दूध को पीने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है और शरीर को भरपूर ताकत मिलती है।
  • जो बच्चे बिस्तर पर पेशाब कर देते है उनको छुहारे का दूध पिलाने से वह बिस्तर पर पेशाब करना बन्द कर देते हैं।

3. बेर : लगभग 15 ग्राम की मात्रा में बेर के छिलकों को छाया में सुखाकर, पीपल, काली मिर्च, सौंठ और त्रिफला के साथ पीसकर इनका चूर्ण बना लें, और इसमें लगभग 75 ग्राम की मात्रा में गुग्गल को पीसकर मिला लें। इस मिश्रण को 10 ग्राम की मात्रा में सुबह के समय पानी के साथ लेने से शरीर को ताकत मिलती है और शरीर से सभी रोग दूर रहते हैं।

4. हरड़ :

  • लगभग 100-100 ग्राम की मात्रा में हरड़ का छिलका और पिसा हुआ आंवला को लेकर इसमें 200 ग्राम की मात्रा में खांड़ मिलाकर इस चूर्ण को सुबह के समय लगभग 10 ग्राम की मात्रा में 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ लेने से शरीर में मजबूती आती है।
  • भोजन के दौरान सुबह-शाम आधा चम्मच की मात्रा में हरड़ का चूर्ण लेते रहने से बुद्धि और शारीरिक बल में वृद्धि होती है।

5. तालमखाना : लगभग 25-25 ग्राम की मात्रा में तालमखाना, असगंध, बीजबन्द, गंगेरन, बरियार, कौंच के बीजों की गिरी, काली मूसली, सफेद मूसली और गोखरू को पीसकर तथा छानकर इस चूर्ण को लगभग 100 ग्राम देसी घी में भूनकर इसमें लगभग 100 ग्राम खांड़ या शक्कर को मिलाकर रख लें। अब इस तैयार मिश्रण में से एक चम्मच चूर्ण रोजाना सुबह के समय दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है। इस मिश्रण का प्रयोग सर्दी के दिनों में करना चाहिए।

6. जायफल

  • लगभग आधा ग्राम पिसा हुआ जायफल और लगभग इतनी ही बंगभस्म को शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम लेने से शरीर शक्तिशाली बनता है।
  • जायफल, मिश्री और पीपल के चूर्ण को एकसाथ मिलाकर इसमें नाग भस्म मिलाकर सेवन करने से शरीर में ताकत पैदा होती है।

7. अतीस

  • गीली अतीस को दूध में मिलाकर पीने से शरीर ताकतवर बनता है और व्यक्ति की मर्दानगी भी बढ़ती है।
  • अतीस का चूर्ण लगभग 2 से 3 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा सा छोटी इलायची और वंशलोचन के चूर्ण को मिलाकर खाने से शरीर शक्तिशाली बनता है।

8. राल : लगभग 10 ग्राम की मात्रा में राल के चूर्ण को फांककर ऊपर से लगभग 500 मिलीलीटर गर्म-गर्म दूध पीने से शरीर में ताकत आती है और संभोग करने की क्षमता बढ़ती है।

9. झींझनी : झींझनी के बीजों को भेड़ के दूध में 7 भावनायें देकर पीसकर रख लें। इस चूर्ण को 7 दिन तक लगातार 10 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है।

10. शहद :

  • लगभग 10 ग्राम की मात्रा में शहद, 5 ग्राम की मात्रा में घी और 3 ग्राम की मात्रा में आंवलासार गंधक को लेकर इसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से शरीर को मजबूती मिलती है।
  • एक कप दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से शरीर में ताकत बढ़ती है।

11. नागदोन : शरीर में होने वाली ऐंठन में नागदोन के पत्तों और कोपलों का काढ़ा बनाकर पीने से कमजोरी के साथ ही साथ ऐंठन भी दूर हो जाती है।

12. प्याज :

  • प्याज के रस को घी में मिलाकर पीने से शरीर में शक्ति के साथ ही साथ संभोग (सेक्स पावर) करने की क्षमता भी बढ़ती है।
  • प्याज, शहद और मिश्री को एक साथ मिलाकर खाने से पेट से सम्बंधित रोग खत्म हो जाते हैं और शरीर में ताकत की वृद्धि होती है।
  • लगभग 10 ग्राम की मात्रा में सफेद प्याज के रस को 10 ग्राम शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम लगातार 40 दिनों तक चाटने से आदमी के संभोग करने की क्षमता में वृद्धि होती है।
  • लगभग 8 ग्राम की मात्रा में सफेद प्याज का रस, लगभग 6 ग्राम की मात्रा में अदरक का रस, लगभग 4 ग्राम की मात्रा में शहद और 20 ग्राम की मात्रा में घी को मिलाकर चाटने से शरीर मजबूत होता है और शरीर के अन्दर ताकत आती है।
  • 1 चम्मच प्याज के रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से शरीर को ताकत मिलती है।

13. पाटील : मीठे पाटील के पत्तों को आटे में लपेटकर घी में तलकर इन पत्तों को भोजन की तरह खाने से शरीर की संभोग (सेक्स पावर) करने की क्षमता बढ़ती है।

14. चिलगोजा :

  • कमजोरी आने पर चिलगोजा की मिंगी और मुनक्का को लगभग 24 घंटे तक पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद इसमें शक्कर मिलाकर खाने से शरीर की कमजोरी के दूर होने के साथ ही साथ शरीर में ताकत आ जाती है।
  • चिलगोजा खाने से व्यक्ति के शरीर में चुस्ती और फुर्ती के साथ ही साथ अधिक ताकत भी आती है।

15. नागरबेल : नागरबेल के पत्तों का शर्बत बनाकर पीने से शरीर को मजबूती मिलती है और ताकत में वृद्धि होती है।

16. असगंध :

  • असगंध के चूर्ण को दूध में मिलाकर पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है और आदमी का वीर्य पुष्ट होता है।
  • बराबर मात्रा में असगंध और विधारा को लेकर और पीसकर इसका चूर्ण बना लें। इसके चूर्ण को एक शीशी में भरकर रख लें। इस चूर्ण को सुबह और शाम दूध के साथ लेने से मनुष्य के शरीर की संभोग करने की क्षमता बढ़ती है।
  • असगंध के चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में लेकर शहद के साथ चाटने से शरीर में ताकत बढ़ती है।
  • लगभग 100-100 ग्राम की मात्रा में नागौरी असगन्ध, सफेद मूसली और स्याह मूली को लेकर चूर्ण बना लें। रोजाना लगभग 10-10 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण को 500 मिलीलीटर दूध के साथ सुबह और शाम खाने से मनुष्य के शरीर में जबरदस्त शक्ति आ जाती है।
  • बराबर मात्रा में असगंध या अश्वगंधा, सौंठ, मिश्री और विधारा को लेकर बारीक चूर्ण बना लें। इसके बाद 1-1 चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को दूध के साथ इस चूर्ण का सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है, सर्दी कम लगती है और शरीर में वीर्य बल बढ़ता है।

17. सेंधानमक : लगभग 10 ग्राम की मात्रा में सेंधानमक, लगभग 10 ग्राम की मात्रा में आंवलासार-गंधक और लगभग ढाई ग्राम की मात्रा में टाट्रिक को पीसकर इसका चूर्ण बनाकर इसमें लगभग 2 ग्राम की मात्रा में नींबू का रस डालकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर रोजाना 1 गोली का सेवन करने से शरीर शक्तिशाली बनता है।

18. सम्भालू : लगभग 6 ग्राम सम्भालू की जड़ का चूर्ण बनाकर लगभग 20 ग्राम घी में मिलाकर चाटने से व्यक्ति के संभोग करने की क्षमता में वृद्धि होती है।

19. कौंच :

  • कौंच के बीज और गोखरू के चूर्ण को मिश्री के साथ मिलाकर दूध के साथ पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है।
  • कौंच के बीज और जड़ को बराबर मात्रा में लेकर इनको पीसकर चूर्ण बना लें। फिर इस चूर्ण में इतनी ही मात्रा में शक्कर या बूरा मिलाकर एक शीशी में भरकर रख लें। इस लगभग 10 ग्राम चूर्ण को रोजाना दूध के साथ लेने से शरीर शक्तिशाली बन जाता है। ऐसा लगभग 40 दिनों तक लगातार करना चाहिए।

20. कपास : शरीर को शक्तिशाली बनाने के लिए लगभग 10 ग्राम की मात्रा में कपास की मिंगी (बिनौला) की खीर बनाकर खानी चाहिए।

21. बादाम :

  • शरीर की शक्ति को बढ़ाने के लिए बादाम की गिरी और भुने हुए चनों को छीलकर रोजाना खाना चाहिए।
  • लगभग 4 बादाम की गिरियों को पीसकर इसमें 1-1 ग्राम की मात्रा में शहद और मिश्री को मिलाकर चाटने से मनुष्य के शरीर में ताकत बढ़ जाती है।
  • लगभग 7 बादाम की गिरी, 7 दाने कालीमिर्च, लगभग 3 ग्राम की मात्रा में सौंफ (गर्मियों के मौसम में सौंफ के स्थान पर सूखा हुआ साबुत धनिया) और 2 छोटी इलायची को लेकर शाम को सोते समय कांच या चीनी के बर्तन में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर व्यायाम करने के बाद बादाम और इलायची के छिलके उतार लें और कालीमिर्च और सौंफ के साथ इनको पीस लें। इसके बाद इसको 250 मिलीलीटर पानी में मिलाकर कपड़े से छान लें। इसके बाद इसमें 2 चम्मच शहद या मिश्री मिलाकर धीरे-धीरे पीने से याददाश्त मजबूत होती है और आंखों की रोशनी तेज होने के साथ ही साथ शरीर की शक्ति बढ़ती है।
  • बादाम की गिरियों से निकाला गया दूध बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होता है।
  • लगभग 10 बादाम की गिरियों को शाम को पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद सुबह इनका छिलका उतार कर बारीक पीस लें। अब इन पीसे हुए बादामों में मक्खन को मिलाकर खाने से तुतलाना और हकलाना दूर हो जाता है। इसके अलावा कमजोर शरीर भी मजबूत बनता है। इसका सेवन कुछ महीने तक करना चाहिए।
  • शाम को सोते समय लगभग 10 बादाम की गिरियों को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इनका छिलका उतारकर बारीक पीस लें। अब इन पीसे हुए बादामों को कढ़ाई में घी डालकर हल्की आग पर भूने। इसमें लाल होने से पहले ही लगभग 150 ग्राम की मात्रा में दूध डालें। इस दूध को हल्का गर्म करके पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है। इसके अलावा शरीर का वीर्य बल भी बढ़ता है। इसका सेवन रोजाना सुबह करना चाहिए।

22. मूसली :

  • काली मूसली के चूर्ण में मिश्री को मिलाकर खाने से शरीर की शक्ति बढ़ती है।
  • लगभग 10 ग्राम की मात्रा में सफेद मूसली के चूर्ण को 250 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर इसको पकायें और गाढ़ा होने तक पकने दें। अब इसको निकालकर 1 प्लेट पर रख दें और सुबह तक वह खीर की तरह उस प्लेट पर जम जायेगा। अब इसमें शक्कर मिलाकर इसको खायें। इसका सेवन 40 दिनों तक करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में ताकत बढ़ती है। इसका सेवन करने के दिनों में गर्म और खट्टे पदार्थों से परहेज करना चाहिए।

23. गोरखमुण्डी :

  • गोरखमुण्डी के फूलों के चूर्ण को शहद में मिलाकर खाने से शरीर में ताकत आती है।
  • गोरखमुण्डी के पूरे पौधे को छाया में सुखाकर पीस लें। इसका हलवा बनाकर सेवन करने से आदमी की जवानी हमेशा के लिए बनी रहती है।
  • गोरखमुण्डी के बीजों को पीसकर चूर्ण की तरह बना लें। इसमें इतनी ही मात्रा में चीनी को मिलाकर चुटकी भर खाने से शरीर में ताकत बढ़ती है।
  • शरीर में शक्ति बढ़ाने के लिए गोरखमुण्डी की जड़ के चूर्ण को दूध के साथ 2 साल तक लेना चाहिए। इसके अलावा इसके सेवन से बाल भी कभी सफेद नहीं होते हैं।

24. लौकी (घिया) : घिया या लौकी के पत्तों का काढ़ा बनाकर रोगी को पिलाने से उसके शरीर की कमजोरी दूर होकर शरीर में ताकत बढ़ती है।

25. खिरैंटी :

  • शरीर में कमजोरी महसूस होने पर खिरैंटी के बीजों को पकाकर खाने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।
  • खिरैंटी की जड़ की छाल को पीसकर दूध में उबालें। इसके बाद इसमें घी को मिलाकर पीने से शरीर में शक्ति बढ़ती है।

26. पोहकरमूल : पोहकरमूल का चूर्ण शहद के साथ मिलाकर खाने से शरीर शक्तिशाली बन जाता है।

27. शहतूत : गाय को लगभग एक किलो शहतूत के पत्ते सुबह और शाम खिलाकर उस गाय का दूध पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है।

28. चम्पा : शरीर की शक्ति को बढ़ाने के लिए चम्पा के फूलों का चूर्ण बनाकर शहद में मिलाकर खाना चाहिए।

29. सोनामक्खी :

  • सोनामक्खी को गुड़ में मिलाकर खाने से शरीर की कमजोरी दूर होकर शरीर शक्तिशाली बन जाता है।
  • सोनामक्खी को गाय के घी या भेड़ के दूध में मिलाकर सेवन करने से शरीर की ताकत बढ़ती है।

30. गन्ना : गन्ने के रस को रोजाना पीने से शरीर में खून बढ़ता है और शरीर में ताकत आती है।

31. आशकन्द : आशकन्द के चूर्ण को घी में मिलाकर खाने से घुटनों में होने वाला दर्द और घुटनों की कमजोरी दूर हो जाती है। इसका 40 दिन तक लगातार प्रयोग करें।

32. आक : आक के फूलों की मिंगी 3 ग्राम की मात्रा में लेकर दूध के साथ खाने से शरीर शक्तिशाली बनता है।

33. शतावरी :

  • शतावरी को पकाकर खाने या शतावरी के चूर्ण की खीर बनाकर सेवन करने से शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।
  • लगभग 200 ग्राम की मात्रा में शतावरी और लगभग 200 ग्राम की ही मात्रा में ही असगंध को एकसाथ मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को लगभग 6 ग्राम की मात्रा में लेकर 500 मिलीलीटर दूध में डालकर इतनी देर तक उबालें की दूध आधी मात्रा में रह जाये। अब इस बचे हुए दूध में लगभग 20 ग्राम की मात्रा में मिश्री डालकर पी जाना चाहिए। इसका सेवन 40 दिनों तक लगातार करने से शरीर शक्तिशाली बनता है।

34. इमली : इमली के बीजों को लगातार 3 दिन तक पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद इन बीजों को पानी में से निकालकर इनका छिलका उतारें और इसमें इमली के बीजों के जितना ही गुड़ मिलायें। अब इन दोनों को मिलाकर लगभग 6-6 ग्राम की गोलियां बना लें। सुबह और शाम इस 1-1 गोली का सेवन करने से शरीर शक्तिशाली बनता है और सभी प्रकार के रोग दूर रहते हैं।

35. बबूल : बबूल के गोंद को घी में भूनकर उसका पकवान बनाकर सेवन करने से मनुष्य के संभोग करने की क्षमता बढ़ती है।

36. जहरमोरा खताई : सुबह और शाम को लगभग आधा ग्राम जहरमोरा खताई का सेवन करने से शरीर में ताकत का विकास होता है।

37. सिंघाड़ा : शरीर में शक्ति बढ़ाने के लिए सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर खाना चाहिए।

38. जलभांगरा : जलभांगरा के रस में सोने की भस्म को मिलाकर सेवन करने से मनुष्य के संभोग करने की क्षमता बढ़ती है।

39. बिहीदाना : बिहीदाने के काढ़े के साथ सोने की भस्म या राख को मिलाकर सेवन कराने से शरीर में शक्ति बढ़ती है।

40. ढाक :

  • ढाक के फूलों की कलियों का गुलकन्द बनाकर 6 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से शरीर की ताकत बढ़ती है।
  • लगभग 50 ग्राम की मात्रा में ढाक के बीज, लगभग 25 ग्राम की मात्रा में वायबिड़ंग और लगभग 200 ग्राम की मात्रा में गुठली वाले आंवले को एकसाथ पीसकर चूर्ण बना लें। इसके बाद रोजाना इस चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के साथ लेने से शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।
  • ढाक की जड़ या छाल का चूर्ण बनाकर दूध के साथ सेवन करने से संभोग करने की शक्ति में वृद्धि होती है।

41. दूध :

  • 500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध और 10 ग्राम की मात्रा में शहद को एकसाथ मिलाकर इसमें एक अण्डा फेंट लें। सुबह के समय इस दूध पीकर कुछ देर तक सो जाना चाहिए। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए इससे मनुष्य के शरीर में खून बढ़ता है। जिससे शरीर में ताकत आती है। इसका अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है।
  • गर्म-गर्म दूध में मिश्री, शहद और घी को मिलाकर पीने से शरीर में मजबूती आती है और ताकत बढ़ती है।
  • दूध में 2 छुआरे पकाकर रोजाना खाने से शरीर में शक्ति का विकास होता है।
  • दूध में शहद मिलाकर पीने से शारीरिक बल और वीर्य में वृद्धि होती है।
  • लगभग 250 मिलीलीटर की मात्रा में दूध को लेकर गर्म कर लें। फिर इस दूध में 4 या 5 केसर की पंखुड़ियां डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इस दूध में मिश्री मिलाकर इसका सेवन सुबह या रात को सोने से पहले करने से व्यक्ति की मर्दानगी बढ़ती है। इसके अलावा इसका सेवन करने से सर्दी से बचाव होता है, शरीर में जोश आता है, शरीर में निखार आता है और हाथ और पांव का बर्फ की तरह ठंड़ा होना भी खत्म हो जाता है।
  • 500 मिलीलीटर दूध में 250 ग्राम गाजर को कद्दूकस करके उबालकर पीने से दूध जल्दी हजम हो जाता है, दस्त साफ आते हैं व दूध में लोहे की मात्रा अधिक हो जाती है।

42. गुड़हल : गुड़हल के सूखे पत्तों को बारीक पीसकर चूर्ण बना लें और इतनी ही मात्रा में इस चूर्ण में शक्कर मिलाकर रख दें। रोजाना लगभग 10 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण का सेवन करने से मनुष्य के वीर्य और संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है। ऐसा लगभग 40 दिनों तक लगातार करना चाहिए।

43. आम : रोजाना 250 मिलीलीटर आम का रस पीकर और इसके ऊपर से दूध पीने से शरीर में ताकत आती है।

44. खरबूजा : खरबूजे को 250 ग्राम की मात्रा में खाकर ऊपर से एक लीटर पानी को शर्बत की तरह बनाकर पीने से शरीर शक्तिशाली बनता है।

45. ऊंटकटारा :

  • लगभग 5 ग्राम की मात्रा में ऊंटकटारा की जड़, लगभग 3 ग्राम की मात्रा में अकरकरा और लगभग 3 ग्राम की मात्रा में असगन्ध को एकसाथ पीसकर हलवे में मिलाकर सेवन करने से संभोग करने की क्षमता बढ़ती है।
  • ऊंटकटारे के ऐसे पौधे को, जिसमें फल और फूल हों, जड़ सहित उखाड़कर छाया में सुखा लें, और इसके पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) का चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को लगभग 5 ग्राम की मात्रा में रात को सोते समय दूध के साथ लेने से शारीरिक बल में वृद्धि होती है।

46. मुलहठी : रोजाना 6 ग्राम मुलहठी के चूर्ण को 30 ग्राम दूध में घोलकर पीने से शरीर में ताकत आती है।

47. हल्दी : लगभग 500 ग्राम की मात्रा में हल्दी की गांठें और 1 किलो बुझा हुआ चूना लेकर इसको एक मिट्टी के बर्तन में डालकर इसमें ऊपर से 2 किलो पानी डालें। पानी डालते ही चूना पकने लगता है, और ठंड़ा होने पर बर्तन को ढककर रख दें। इसके बाद 2 महीने बाद हल्दी की गांठों को निकालकर पीसकर चूर्ण बना लें। हल्दी की गांठों के चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में लेकर 10 ग्राम शहद के साथ मिलाकर लगातार 4 महीने तक रोजाना खाने से शरीर का खून साफ हो जाता है और शरीर में भरपूर ताकत आती है।

48. गूलर : लगभग 100 ग्राम की मात्रा में गूलर के कच्चे फलों का चूर्ण बनाकर इसमें 100 ग्राम मिश्री को मिलाकर रख दें। इस चूर्ण को लगभग 10 ग्राम की मात्रा में रोजाना दूध के साथ लेने से शरीर को भरपूर ताकत मिलती है।

49. भांगरा : 100 ग्राम की मात्रा में भांगरा, 200 ग्राम की मात्रा में काले तिल और 200 ग्राम की मात्रा में आंवलों को एकसाथ पीसकर चूर्ण बना लें। इसके बाद इस तैयार चूर्ण में 50 ग्राम मिश्री मिला लें और इसमें घी मिलाकर बर्तन में रख दें। इस मिश्रण को 10 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम को गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है और इसके अलावा बाल काले रहते हैं।

50. पीपल : शाम को सोते समय छोटी पीपल को पानी में भिगोकर रख दें, और सुबह इसको पीसकर इसमें शहद मिलाकर चाटें और ऊपर से दूध पी लें। इसको लगातार 40 दिनों तक खाना चाहिए। इससे शरीर की ताकत में वृद्धि होती है।

51. खजूर :

  • 7 या 8 पिण्डखजूरों को 500 मिलीलीटर दूध में डालकर हल्की आंच पर पका लें और लगभग 400 मिलीलीटर की मात्रा में दूध रह जाने पर दूध को आंच पर से उतार लें। अब इसमें से खजूर निकालकर खाकर ऊपर से इसी दूध को पीने से शरीर में भरपूर ताकत और मजबूती आती है।
  • 5 या 7 खजूर लेकर इनकी गुठली को निकालकर इन खजूरों को पानी से धो लें। अब लगभग 300 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर इसमें गुठली निकले हुए खजूरों को डाल दें और दूध को हल्की आग पर 8 या 10 मिनट तक जब तक कि खजूर न गल जायें पकने दें। अब इस दूध में से खजूरों को निकाल कर चबा-चबाकर खा लें। इसके ऊपर से दूध पीने से शरीर को जबरदस्त ताकत और मजबूती मिलती है। इसके अलावा वजन बढ़ता है, कब्ज और क्षय रोग दूर होते हैं, शरीर में खून बनता है, खांसी, दमा, पेट और छाती से सम्बंधित सभी रोगों से छुटकारा मिलता है। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक सुबह और शाम को करना चाहिए।

52. मिश्री : लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में सालम मिश्री, शतावर और सफेदी मूसली को लेकर बारीक पीस लें और छान लें। अब इस चूर्ण को 400 मिलीलीटर दूध में डालकर पकायें और 300 मिलीलीटर दूध रह जाने पर इसको उतारकर इस दूध में शक्कर मिलाकर सुबह और शाम सेवन करने से आदमी के शरीर में से आलस्य दूर हो जाता है और उसको पर्याप्त मात्रा में ताकत भी मिलती है। इसका सेवन लगातार 20 दिनों तक करना चाहिए।

53. बिनौला : लगभग 50 ग्राम की मात्रा में बिनौला को लेकर भून लें और कूटकर इसका चूर्ण बना लें। लगभग 50 ग्राम की मात्रा में सफेद मूसली को लेकर बिनौला  के चूर्ण के साथ अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। इसके बाद लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम इस चूर्ण को दूध के साथ सेवन करने से मनुष्य के शरीर में शक्ति का विकास होता है।

54. मालकांगनी : लगभग 250 ग्राम मालकांगनी को गाय के घी में भूनकर, इसमें 250 ग्राम शक्कर मिलाकर चूर्ण बना लें। अब इस चूर्ण को लगभग 6 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के साथ सुबह और शाम को खाने से मनुष्य के शरीर में ताकत का विकास होता है। इसका सेवन लगभग 40 दिनों तक करना चाहिए।

55. घी :

  • लगभग 20 ग्राम घी को 30 ग्राम शहद के साथ मिलाकर भोजन करने के बाद खाने से मनुष्य की याददाश्त के साथ ही साथ उसके शरीर की ताकत भी बढ़ती है।
  • लगभग 250 ग्राम की मात्रा में शुद्ध देसी घी में बनी जलेबियों को लगभग 250 मिलीलीटर गाय के दूध के साथ रोजाना सुबह के समय लेने से मनुष्य की लम्बाई बढ़ती है। इसका सेवन लगातार 2 या 3 महीने तक करना चाहिए।

56. दालचीनी : दालचीनी को बारीक पीसकर इसका चूर्ण बना लें। शाम को इसके लगभग 2 ग्राम चूर्ण को 250 मिलीलीटर दूध में डालकर एक चम्मच शहद को मिलाकर पीने से शरीर की ताकत के साथ-साथ मनुष्य के वीर्य यानी धातु में भी वृद्धि होती है।

57. चना :

  • लगभग 50 ग्राम की मात्रा में चने की दाल को लेकर 100 मिलीलीटर कच्चे दूध में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस दाल में किशमिश और मिश्री मिलाकर अच्छी तरह से चबा कर खायें। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए। इससे शरीर को ताकत मिलती है और मनुष्य का वीर्य और बल भी बढ़ता है।
  • रात को सोते समय थोड़े से देसी चने लेकर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर गुड़ के साथ इन चनों को रोजाना खूब-खूब चबाकर खाने से शरीर की लम्बाई बढ़ती है। चनों की मात्रा शरीर की पाचन शक्ति के अनुसार बढ़ानी चाहिए। इन चनों को दो या तीन महीने तक खाना चाहिए।

58. विदारीकन्द : लगभग 6 ग्राम की मात्रा में विदारीकन्द के चूर्ण को लगभग 10 ग्राम गाय के घी में और लगभग 20 ग्राम शहद में मिलाकर गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में ताकत आती है। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए।

59. तुलसी :

  • एक निश्चित मात्रा में तुलसी के बीज या पत्तों को भूनकर इतनी ही मात्रा में इसमें गुड़ मिलाकर लगभग 1-1 ग्राम की गोलियां बनाकर सुबह और शाम को 1-1 गोली गाय के दूध के साथ लेने से शरीर में भरपूर ताकत आती है और व्यक्ति की मर्दानगी भी बढ़ती है।
  • लगभग आधा ग्राम की मात्रा में तुलसी के पीसे हुए बीजों को सादे या कत्था लगे पान के साथ रोजाना सुबह और शाम खाली पेट खाने से मनुष्य के वीर्य, बल और खून में वृद्धि होती है।
  • लगभग एक भाग तुलसी के बीजों के चूर्ण को दो भाग पुराने गुड़ में मिलाकर खाने से शरीर में ताकत आती है। इसका प्रयोग लगभग 14 दिनों अथवा 40 दिनों तक करना चाहिए और इसका सेवन केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए।

60. भिलावे : लगभग 25 ग्राम की मात्रा में छिलका उतारे और तेल निकाले हुए भिलावे को लेकर 2 या 3 घंटों तक कूटें और फिर इसके बाद लगभग 400 ग्राम की मात्रा में तिल का तेल लेकर भिलावे में 50-50 ग्राम की मात्रा में डालते जायें, और घोटते जायें। इसके बाद लगभग 1 घंटे बाद इसको निकाल लें। रोजाना इसे 2 ग्राम की मात्रा में सुबह दूध के साथ लेने से शरीर में भरपूर ताकत आती है।

61. जौ :

  • आवश्यकता के अनुसार जौ को लेकर पानी में भिगोकर कूट लें और इनका छिलका उतार लें। अब लगभग 60 ग्राम की मात्रा में छिले हुए जौ को लगभग 500 मिलीलीटर दूध में डालकर इसकी खीर बनायें। 2 महीनों तक इसको लगातार खाने से पतला आदमी भी मोटा हो जाता है, और उसके शरीर में जबरदस्त ताकत आ जाती है। अगर इस खीर का प्रयोग प्रतिदिन न कर सकें तो हफ्ते में कम से कम 2 या 3 बार जरूर ही सेवन करें।
  • उबाले हुए जौ का पानी रोजाना सुबह और शाम पीने से शरीर में खून बढ़ता है। जौ का पानी गर्मियों के दिनों में पीने से अधिक लाभ मिलता है।

62. केला : दिन में खाना-खाने के बाद 2 या 3 पके केले रोजाना नियमित रूप से खाने से शरीर में शक्ति, मांस और चर्बी बढ़ती है। इसका प्रयोग लगातार 2 महीने तक करने से शरीर सुंदर बन जाता है।

63. बथुआ : बथुआ को साग के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। पत्तों के साग में बथुआ का साग सबसे अधिक फायदेमन्द और सेहतमन्द होता है। इसका सेवन निरन्तर रूप से करने से मनुष्य की मर्दानगी बढ़ती है, खून में वृद्धि होती है, याद्दाश्त मजबूत होती है, आमाशय मजबूत होता है, पथरी से बचाव होता है, कब्ज और पेट में होने वाली जलन से छुटकारा मिल जाता है। हरे बथुए का सेवन अधिक लाभकारी होता है। अगर हरा बथुआ न मिले तो इसे सूखाकर रोटी में मिलाकर खाने से बहुत लाभ मिलता है।

64. आंवला :

  • लगभग 10 ग्राम की मात्रा में हरे आंवला को लगभग इतनी ही मात्रा में शहद में मिलाकर खाने से मनुष्य के वीर्य-बल में वृद्धि होती है। आंवलों के मौसम में इसका सेवन रोजाना सुबह के समय लगभग 1 से 2 महीने तक करना चाहिए।
  • बराबर मात्रा में आंवले का चूर्ण, गिलोय का रस, सफेद मूसली का चूर्ण, गोखरू का चूर्ण, तालमखाना का चूर्ण, अश्वगंध का चूर्ण, शतावरी का चूर्ण, कौंच के बीजों का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण लेकर इनका मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को रोजाना सुबह और शाम को लगभग 10 से 15 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से हल्का गर्म दूध पीने से मनुष्य के संभोग करने की शक्ति का विकास होता है। इसको लगातार 3 या 4 महीने तक फायदा होने तक खाना चाहिए।

65. किशमिश : सुबह के समय लगभग 25 से 30 किशमिश लेकर इनको गर्म पानी से धोकर साफ कर लें और कच्चे दूध में डाल दें। आधा या एक घंटे बाद उस दूध को गर्म करें। इसके बाद किशमिश को एक-एक करके खा लें और ऊपर से उसी दूध को पी लें। ऐसा करने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा आवश्यकता से अधिक ठंड़ का अनुभव, पुरानी बीमारी, अधिक कमजोरी, जिगर की खराबी और बदहजमी दूर हो जाती है।

66. अंगूर : लगभग 25 मिलीलीटर की मात्रा में अंगूर का रस भोजन करने के आधे घंटे बाद पीने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा इसका रस पीने से पेट फूलना, अफारा, दिल का दौरा पड़ना, चक्कर आना, सिरदर्द और भोजन न पचना आदि बीमारियां दूर हो जाती है। इसका सेवन लगभग 2 या 3 हफ्ते तक लगातार करना चाहिए। इसके अलावा इसका सेवन महिलाओं के लिए भी लाभकारी होता है। कमजोर बच्चों को भोजन के बाद अंगूर का रस पिलाना काफी लाभकारी सिद्ध होता है। अंगूर का रस बच्चों के चेहरे को लाल कर देता है।

67. पालक : शरीर में कमजोरी आने पर या खून की कमी होने पर लगभग 225 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना पालक का रस पीना चाहिए। इससे चेहरा एक दम गुलाब की तरह लाल हो जाता है। इसके अलावा इसका रस पीने से मानसिक तनाव और हाई ब्लडप्रेशर भी सामान्य रहता है।

68. टमाटर : टमाटर का रोजाना सेवन करने से खून शुद्ध रहता है, और खून में वृद्धि होती है। टमाटर खाने से आंखों के रोग, जिगर में किसी तरह की खराबी आने के कारण होने वाली सुस्ती, आंतों के कीड़ें और आमाशय की कमजोरी दूर होती है। टमाटर पाचन क्रिया को बढ़ाता है। पथरी वाले व्यक्ति को टमाटर नहीं खाना चाहिए।

69. सौंफ : सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुबह-शाम भोजन के बाद दो चम्मच लेने से दिमाग तेज होता है। इसका सेवन लगातार एक या दो महीने तक करना चाहिए।

70. मालकांगनी :

  • मालकांगनी के बीज, बच, देवदारू और अतीस आदि का मिश्रण बना लें। रोज सुबह-शाम इस मिश्रण को 1 चम्मच घी के साथ पीने से दिमाग तेज और फुर्तीला बनता है।
  • मालकांगनी के तेल की 5-10 बूंदे मक्खन के साथ सेवन करने से भी शरीर को लाभ मिलता है।

71. धनिया :

  • शक्ति को ऊर्जा भी कहते हैं। यह ऊर्जा मनुष्य को भोजन से मिलती है। परन्तु धनिया इस ऊर्जा को और बढ़ा देता है। इसके लिए आपको खाना खाने के बाद दस दाने धनिया के मुंह में डालने होंगे। इन दानों को दाढ़ों से कुचलकर इसका रस कंठ (गले) के नीचे उतार लीजिए और दानों को थूक देते हैं। ठीक आधा घंटे बाद आप देखेंगे कि आपके शरीर में गर्मी बढ़ गई। यह गर्मी पसीना लाने वाली गर्मी नहीं होती बल्कि यह पाचनक्रिया को सही करने वाली गर्मी होती है क्योंकि जब पाचन क्रिया में वृद्धि होगी तब भोजन समय से तथा ठीक प्रकार से पच जाएगा। इसके बाद रक्त में जो ऊर्जा पैदा होती है वह पूरे शरीर में फुर्तीलापन लाती है।
  • लगभग 3 ग्राम की मात्रा में साबुत सूखे धनिये को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को ठंड़े पानी और मिश्री के साथ मिलाकर गर्मी के दिनों में पीने से पित्त के कारण होने वाले रोगों से छुटकारा मिल जाता है।

72. मौसमी : मौसमी का रस मस्तिष्क और जिगर को शक्ति तथा स्फूर्ति देता है। जटिल रोगों तथा बुखार में मौसमी का रस सेवन करने से रोगी कमजोर नहीं होता है। मौसमी को खाने से शरीर में से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज, सिरदर्द, काम करने में मन न लगना, थोड़ा काम करने पर थक जाना, रात को नींद न आना आदि कष्ट दूर हो जाते हैं। मौसमी का रस दूध में मिलाकर छोटे बच्चों को पिलाना चाहिए।

73. मुनक्का :

  • लगभग 60 ग्राम मुनक्का को धोकर भिगो दें। 12 घण्टे के बाद भीगे हुए मुनक्के खाने से पेट के रोग दूर होते है और शरीर में खून और वीर्य बढ़ जाता है। मुनक्का की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाकर 200 ग्राम तक सेवन करने से लाभ मिलता हैं।
  • मुनक्का को गर्म पानी से धोकर रात को भिगो दें। प्रात: समय उसके पानी को पीलें तथा दानों को खालें। ऐसा रोजाना करने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती हैं। खून और शक्ति उत्पन्न होती हैं। फेफड़ों को बल मिलता हैं।
  • रात को सोने से पहले लगभग 10 या 12 मुनक्का को धोकर पानी में भिगो दें। इसके बाद सुबह उठकर मुनक्का के बीजों को निकालकर मुनक्का को अच्छी तरह से चबाकर खाने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा मुनक्का खाने से खून साफ होता है और नाक से बहने वाला खून भी बन्द हो जाता है। मुनक्का का सेवन 2 या 4 हफ्ते तक करना चाहिए।

74. मूंग :

  • मूंग के लड्डू खाने से भी शरीर में शक्ति बढ़ती हैं। मूंग को सेंककर आटा बना लें। आटे के बराबर घी लेकर, कड़ाही में धीमी आंच पर रखें और कलछी से हिलाते जाएं। जब आटा कुछ लाल हो जाए तब बीच-बीच में उसके ऊपर दूध छिड़कते जाएं। ऐसा करते-करते आटे की गांठे सी बन जाएं तब कड़ाही को चूल्हे से नीचे उतारकर उसमें शर्करा, बादाम, पिश्ते, इलायजी, लौंग और कालीमिर्च का चूर्ण डालकर लड्डू बना लें। मूंग के ये लड्डू शीतल, वीर्यवर्धक और वातशामक होते हैं।
  • साबुत मूंग को पानी मे उबालकर उस पानी को छान लें। फिर इस पानी में नमक और कालीमिर्च को स्वाद के अनुसार डालकर थोड़ी सी हींग भी डाल लें। यह पानी ऐसे रोगी जिन्हे रोग के कारण अन्न देना मना हो देना काफी लाभकारी रहता है।

75. गाजर :

  • गाजर में विटामिन `ई´ पर्याप्त मात्रा में होता है। इस कारण यह पुरुषों के लिए शक्तिवर्द्धक टानिक का काम करती है।
  • लगभग 250 ग्राम कच्ची गाजर खाने से और उसके ऊपर से लगभग 1 लीटर पानी पीने से ‘शरीर में शक्ति बढ़ती है और शरीर मजबूत होता है।
  • गाजर, पीपर, आंवला, चौलाई, इमली, सेब, मूली के पत्ते और संतरा खाने से शरीर में खून की वृद्धि होती है।
  • लगभग 125 मिलीलीटर की मात्रा में गाजर का रस रोजाना सुबह और शाम पीने से शरीर में होने वाले फोड़े-फुन्सियां ठीक हो जाते है। इसके अलावा शरीर का खून भी साफ हो जाता है और शरीर का वजन बढ़ जाता है। इसका सेवन लगातार लगभग 15 या 20 दिनों तक करना चाहिए।

76. मेथी :

  • मेथी में कोलाइन तत्त्व होता है, जो विचार शक्ति को बढ़ाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर में रोग-प्रतिरोधक (रोग-निरोधक) क्षमता को बढ़ाते हैं। 2 चम्मच दाना मेथी को एक गिलास पानी में 5 घंटे तक भिगोयें और फिर इतना उबाल लें कि चौथाई मात्रा में रह जाये। इसे छानकर इसमें 2 चम्मच शहद को मिलाकर एक बार रोजाना पियें। मेथी में लोहा होता है जो शक्ति देता है, खून बढ़ाता है। मेथी के पत्तों की सब्जी खानी चाहिए।
  • 100 ग्राम दाना मेथी को घी में भूनकर मोटा-मोटा पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 1-1 चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार पानी से फंकी के रूप में लें। इसको लेने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और वीर्य पुष्ट होता है।
  • 1.1 किलो दाना मेथी और गेहूं को एक साथ मिलाकर पीस लें। फिर इसको रोजाना 2 चम्मच के रूप में लगातार 2 महीने तक सुबह और शाम दूध के साथ फंकी के रूप में लेने से शरीर मजबूत होता है।
  • रोजाना 2 बार 1 चम्मच दाना मेथी की फंकी पानी से लेने से स्नायविक दौर्बल्य, कमजोरी और सूखा रोग दूर हो जाता है।

77. संतरा : 1 गिलास संतरे का रस रोजाना दो बार कुछ सप्ताह तक पीते रहने से शरीर में ताकत आ जाती है। जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं कमजोर होते है, उनके लिए संतरे का रस बहुत लाभदायक होता है।

78. सफेद पेठा : भोजन करने के बाद पेठे की मिठाई खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। पित्त विकार में 2-2 पेठे के टुकड़े रोजाना खाने से लाभ होता है।

79. पुनर्नवा : पुनर्नवा को दूध के साथ खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है।

80. नींबू :

  • एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू को निचोड़कर पीते रहने से शरीर के अंग-अंग में नई शक्ति महसूस होती है, आंखों की रोशनी बढ़ती है, मानसिक कमजोरी, सिर में दर्द और पुट्ठों में झटके लगना बन्द हो जाते हैं। अधिक मेहनत के कारण आई कमजोरी में इस पानी में बिना नमक या चीनी को मिलाकर घूंट-घूंट करके पीने से शरीर में कमजोरी नहीं रहती हैं। ध्यान रहें कि पथरी के रोगी को नींबू नहीं देना चाहिए।
  • 40 ग्राम किशमिश, 6 मुन्नका, 6 बादाम और 6 पिस्ते को रात को सोते समय आधा किलो पानी में डालकर कांच के बर्तन में भिगो दें। सुबह उठकर इसे पीसकर, छान लें और इसमें 1 चम्मच ‘शहद और 1 नींबू निचोड़कर खाली पेट पी लें। इससे मानसिक व शारीरिक कमजोरी, थकान दूर होती है।

81. फालसा : पके फालसे का सेवन करने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। यह हृदय रोग और रक्तपित्त या खूनी पित्त में भी काफी हितकारी होता है।

82. पपीता : बच्चों को रोजाना पपीता खिलाने से उनकी लम्बाई बढ़ती है और शरीर मजबूत तथा सेहत सही बनी रहती है।

83. नारियल : सर्दियों के मौसम में रोजाना सुबह-सुबह खोपरा और गुड़ को मिलाकर चबा-चबाकर खाने से युवक-युवतियो या बच्चों के शरीर में वृद्धि होती हैं।

84. पानी : सुबह मुंह साफ करके ठंड़ा पानी पीने से शरीर में स्फूर्ति (ताजगी) आती है।

85. पापड़ : जो लोग किसी बीमारी से ठीक होकर उठे हों और उनकी पाचनशक्ति (भोजन पचाने की शक्ति) कमजोर हो गई हो तो भोजन के साथ पापड़ खाने से पाचनशक्ति तेज होती है और शरीर मे खून भी बढ़ता है।

86. अर्जुन : अर्जुन बलकारक है तथा अपने लवण-खनिजों के कारण हृदय की मांसपेशियों को सशक्त बनाता है। दूध तथा गुड़, चीनी आदि के साथ जो अर्जुन की छाल का पाउडर नियमित रूप से लेता है, उसे हृदय रोग, जीर्ण ज्वर, रक्त-पित्त कभी नहीं सताते और वह चिरजीवी होता है। 

87. अंजीर : अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर शक्तिशाली होता है और मनुष्य के संभोग करने की क्षमता भी बढ़ती है।

मूसली को लेकर बिनौला  के चूर्ण के साथ अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। इसके बाद लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में सुबह और

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