अजमोद

1.शीत-पित्त की दवा : अजमोद तथा जवाखार का सेवन करने से शीत-पित्त के चकत्ते नष्ट हो जाते हैं। 
2.मस्तिष्क के लिए : अजमोद की जड़ की कॉफी मस्तिष्क एव वातनाड़ियों के लिए उपयोगी होता है।
3.श्वांस रोग : स्नायु की शिथिलता के कारण उत्पन्न श्वसन नली की सूजन तथा श्वास रोगों में अजमोद लाभकारी है। इसे 3-6 ग्राम की मात्रा में दिन में 3 बार प्रयोग करें।
4.सूखी खांसी : अजमोद को पान में रखकर चूसने से सूखी खांसी में आराम मिलता है।
5.वमन (उल्टी) : जिन औषधियों का स्वाद अग्राह्रा होता है, उनके साथ अजमोद के 2 से 5 ग्राम चूर्ण का सेवन करने से वमन या उल्टी की आशंका नहीं रहती है।