पान से उपचार

1. मुंह के छाले : पान के पतों का रस शहद में मिलाकर छालों पर रोजाना 2-3 बार लगाने से लाभ होता है।

2. चोट : पान के रस में थोड़े से चूने को मिलाकर सूजन पर पट्टी बांधने से दर्द और सूजन कम होता है।

3. गला बैठने पर: पान की जड़ के टुकड़े को मुंह में रखकर 3-4 बार चूसते रहने से गले में बैठी आवाज खुल जाती है और गला साफ हो जाएगा।

4. कान का दर्द: पान के रस को थोड़ा सा गर्म करके बूंद-बूंद करके कान में डालने से ठंड लग जाने के कारण पैदा हुआ कान का दर्द ठीक हो जाता है।

5. कमजोरी: पान के शर्बत में चरपरी चीजें या गर्म चीजों को मिलाकर 25-25 मिलीलीटर दिन में 3 बार पिलाने से शरीर की कमजोरी दूर होती है।