Health Tips

Health tips of the day :

1. मिर्गी (अपस्मार) होने पर : 14 से 28 मिलीलीटर ब्राह्मी की जड़ का रस या 3 से 6 ग्राम चूर्ण को दिन में 3 बार 100 से 250 मिलीलीटर दूध के साथ लेने से मिर्गी का रोग ठीक हो जाता है।
2. धातु क्षय (वीर्य का नष्ट होना) : 15 ब्राह्मी के पत्तों को दिन में 3 बार सेवन करने से वीर्य के रोग का नष्ट होना कम हो जाता है।

1.पेट में दर्द होने पर : आमाहल्दी और कालानमक को मिलाकर पानी के साथ पीने से पेट के दर्द में आराम होता है।
2.उपदंश फिरंग) के रोग में : आमाहल्दी, राल और गुड़ 10-10 ग्राम, नीलाथोथा और गुग्गुल 6-6 ग्राम इन सबको मिलाकर पीस लें और बद पर बांधे इससे तुरन्त लाभ मिलता है।

1.Rheumatism or Joints pain: Toast four pieces of potato in hot ash and peel it. Eating these potatoes    with salt and chilly-powder regularly is useful to cure Rheumatism.
2.Joints pain: Putting small potato in pantaloon or trouser pockets regularly saves from joints pain. Eating     potato is very beneficial too.

1. रात को 50 ग्राम काले चने दूध में भिगो देते हैं और सुबह के समय खाते हैं। चने और जौ को बराबर मात्रा में मिलाकर इसके आटे की रोटी पहले सुबह-शाम खाने से लाभ मिलता है। 2. केवल बेसन (चने का) की रोटी ही 10 दिन तक लगातार खाते रहने से पेशाब में शक्कर का आना बंद हो जाता है।

1. चमेली के तेल को सिर में लगाने से सिर-दर्द ठीक हो जाता हैं।
2. चमेली के पत्ते, कनेर, चीता तथा करंज को पानी के साथ लेकर पीस लें, फिर इनकी लुगदी के वजन से 4 गुना मीठा तेल और तेल के वजन से 4 गुना पानी और बकरी का दूध लें, इन सबको मिलाकर पका लें। जब थोड़ा तेल ही बाकी रह जाये तब इसे उतारकर छान लें। इस तेल को रोजाना सिर पर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।
 

1. चमेली की पत्तियों को बारीक पीसकर लुगदी बनाकर पीड़ित दांतों के बीच में दबाये रखते हैं। इससे दांतों का दर्द दूर हो जाता है।
2. दांत में दर्द होने पर चमेली के पत्ते चबाने से दर्द ठीक होता है।

1. चमेली के 10-20 फूलों को पीसकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की चमक बढ़ जाती है।

2. उंगुलियों के बीच का भाग सड़ जाने पर चमेली के पत्तों को पीसकर उंगुली के सड़े हुए भाग पर बांधने से लाभ होता है।

1. आलू बुखारा खाने से कब्ज़ नहीं होता है।
2. आलूबुखारे को खाने से दस्त का आना बन्द हो जाता है क्योंकि यह मल को रोक देता है और कब्ज को मिटाता है।
3. लूबुखारे को मुंह में रखने से प्यास कम लगती है तथा गले का सूखना बन्द हो जाता है।
4. आलूबुखारे को गर्म पानी में थोड़ी देर रखने के बाद उसे मसलकर रख लें। इसे छानकर सेंधानमक मिलाकर पीने से लू खत्म हो जाती है।
5. आलूबुखारे का रस 50 से 100 मिलीलीटर तक या काढ़ा 20 से 40 मिलीलीटर तक सुबह-शाम पीना पित्त को शांत करता है।

1.Constipation: By eating cherry plum constipation does not occur.
2.Diarrhoea: Take cherry plum to cure diarrhoea because it sets motions and eliminates constipation.
3Excessive thirst: Putting cherry plum in the mouth quenches thirst and ends dryness of the throat.

1.Indian mulberry is nutritive and purifies the blood. It is useful for the treatment of fever, vatta disorders, strokes and teeth diseases. It is also useful to end menstrual problems, dysentery and blood disorders.

Pages