Health Tips

Health tips of the day :

यह पौष्टिक होता है। इसके प्रयोग से बुखार, वात रोग, दंत रोग ठीक होते हैं तथा यह घाव को भरने वाला, रक्तरोधक, घाव को शुद्ध करने वाला, मासिक धर्म, रक्तविकार प्रवाहिका (पेचिश) के रोग में काफी लाभदायक है।

1. चाय की पत्तियों को पानी में पीसकर गर्म करें और गर्म-गर्म पिसी हुई चाय का बवासीर पर लेप करें। इससे बवासीर का दर्द दूर हो जाता है।

2. चाय की पत्तियों को पीसकर मलहम बना लें और इसे गर्म करके मस्सों पर लगायें। इस मलहम को लगाने से मस्से सूखकर गिरने लगते हैं।

1. चालमोंगरा के तेल को रोजाना मक्खन, मलाई या घी के साथ 5 बूंद से शुरू करके 60 बूंद तक धीरे-धीरे बढ़ाते हुए खिलाना चाहिए। इससे कुष्ठ (कोढ़) के रोगी को लाभ मिलता है तथा इसी तेल को खाज-खुजली पर लगाने से भी लाभ होता है। 2. चकबड़ के बीजों को मूली के रस में मिलाकर लेप बनाकर लेप करने से चर्म रोग खत्म हो जाते हैं। 3. चकबड़ (पमार) के बीज को मूली के पत्तों के साथ या नींबू के रस के साथ पीसकर दाद पर लगाने से लाभ होता है। जिन रोगों में त्वचा सूज जाती है वहां पर भी इसका उपयोग बहुत ही लाभकारी होता है।

1.आड़ू के फलों का काढ़ा बनाकर सेवन करने से पेट में रुकी हुई कब्ज बाहर निकल जाती है।
2.आड़ू (आरूक) के फूलों का फांट (घोल) 40 से 80 मिलीलीटर  की मात्रा में 1 दिन में सुबह और शाम देने से पेट साफ हो जाता है।
 

1. Make a decoction by boiling the bark of acacia tree, bark of surinam medalcar, bark of mountain ebony, stem of piyabansa and straw berry’s panchang together. Gargling with this decoction provides relief if a person has been suffering from looseness of the teeth, cracked tongue, blisters in the throat, and dryness of the mouth as well as the diseases of mouth palate.

1. बबूल की छाल, मौलश्री छाल, कचनार की छाल, पियाबांसा की जड़ तथा झरबेरी के पंचांग का काढ़ा बनाकर इसके हल्के गर्म पानी से कुल्ला करें। इससे दांत का हिलना, जीभ का फटना, गले में छाले, मुंह का सूखापन और तालु के रोग दूर हो जाते हैं।

2. बबूल, जामुन और फूली हुई फिटकरी का काढ़ा बनाकर उस काढ़े से कुल्ला करने पर मुंह के सभी रोग दूर हो जाते हैं। 

3. बबूल की छाल को बारीक पीसकर पानी में उबालकर कुल्ला करने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

दांतों का पीलापन दूर करने के लिए नमक में थोड़ा सा सरसो का तेल मिलाकर दांत साफ करने चाहिए।

1.पेशाब करने में रुकावट : अशोक के बीज पानी में पीसकर नियमित रूप से 2 चम्मच की मात्रा में पीने से मूत्र न आने की शिकायत  और पथरी के कष्ट में आराम मिलता है
2 .गर्भ स्थापना हेतु : अशोक के फूल दही के साथ नियमित रूप से सेवन करते रहने से स्त्री का गर्भ स्थापित होता है।
 3.श्वेत प्रदर : अशोक की छाल का चूर्ण और मिश्री समान मात्रा में मिलाकर गाय के दूध के साथ 1-1 चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार कुछ हफ्ते तक सेवन करते रहने से श्वेत प्रदर नष्ट हो जाता है

1. Make a paste by grinding hemidesmus root with water and heat it. Headache ends by coating this paste on the forehead.
2. Headache ends by taking about 6 grams hemidesmus with 5 grams china root.
3. Rickets: Mix equal quantity of powder of Indian sarsaparilla root and barbering together then store it. After that, give half spoon this powder to the suffered child twice a day to get benefit in rickets. It is useful for the health.

1. Small and clean branch of ginger should be sucked in all the types of hiccups.

2. Sucking little piece of ginger prevents hiccups quickly. Mix rock salt with ghee or water and make the patient smell. It provides relief in hiccups.

3. Mix one spoon ginger juice with 250 ml fresh cow milk and take it to prevent hiccups.

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